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Dr Mohan Aghashe | एक मनोचिकित्सक के शानदार अभिनेता बनने की कहानी | Biography

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Dr. Mohan Agashe. एक वर्सेटाइल एक्टर। एक ऐसा एक्टर जो बीते कई सालों से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव है और दर्शकों ने इन्हें तरह-तरह के किरदार निभाते देखा है। मोहन आगाशे, जिन्होंने पढ़ाई तो मेडिकल साइंस में की। और एक क्वालिफाइड मनोचिकित्सक भी बने।  लेकिन अभिनय से इन्हें कुछ ऐसा लगाव हुआ कि मेडिकल प्रैक्टिस में इनका बहुत ज़्यादा मन लगा नहीं। और आखिरकार ये एक फुल टाइम एक्टर बन गए। हालांकि मनोचिकित्सा से भी ये हमेशा जुड़े रहे। लेकिन एक्टिंग इनका पहला प्यार बन गई।  Biography of Dr Mohan Aghashe - Photo: Social Media Meerut Manthan आज पेश है Versatile Actor Dr. Mohan Agashe की कहानी। Dr. Mohan Agashe जी के बारे में कुछ रोचक बातें आज हम और आप जानेंगे।     23 जुलाई 1947 को पुणे के पास स्थित भोर कस्बे में मोहन आगाशे जी का जन्म हुआ था। इनके पिता एक किसान खानदान से थे। हालांकि वो कलेक्टर ऑफिस में स्टेनोग्राफर की नौकरी करते थे। मोहन जी के पिता तो बहुत अधिक नहीं पढ़ सके थे। लेकिन वो चाहते थे कि उनके बच्चे खूब पढ़ें।  मोहन आगाशे जी ने कभी अपने पिता को निराश नहीं किया। इन्होंन...

कहानी ज़रीना वहाब की। जिनकी मां नहीं चाहती थी कि ये एक्ट्रेस बनें | Actress Zarina Wahab

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"ज़रीना, तुम राधा जी का रोल कर रही हो। वादा करो कि तुम नॉनवेज नहीं खाओगी जब तक कि तुम इस फिल्म में काम करोगी।" ये बात एक्ट्रेस ज़रीना वहाब से राजश्री पिक्चर्स के संस्थापक ताराचंद बड़जात्या जी ने कही थी। ज़रीना वहाब कहती हैं कि उन्होंने ना सिर्फ फिल्म की शूटिंग पूरी होने तक, बल्कि फिल्म रिलीज़ होने तक नॉनवेज को हाथ नहीं लगाया। ज़रीना वहाब कहती हैं कि ताराचंद बड़जात्या जी ने जब गोपाल कृष्णा फिल्म में उन्हें काम करने के लिए बुलाया था तब उन्हें बहुत तेज़ बुखार था। लेकिन ताराचंद जी ने कहा था कि शूटिंग जल्द से जल्द शुरू करनी है। पहले उन्होंने किसी और एक्ट्रेस को साइन किया था। लेकिन अब वो उसे बदलना चाहते थे। ज़रीना जी अगले दिन उनसे मिलने गई और उन्होंने गोपाल कृष्णा फिल्म के लिए साइन कर लिया। ये राजश्री के साथ ज़रीना की तीसरी फिल्म थी। Biography of Actress Zarina Wahab - Photo: Social Media   1 7 जुलाई 1959 को विशाखापट्टनम में Zarina Wahab जी का जन्म हुआ था। Zarina Wahab जी ने एक दिन अखबार में Film & Television Institiute of India पुणे का विज्ञापन देखा। इन्होंने दाखिले के लिए अर्...

The Mummy Returns 2001 | द ममी रिटर्न्स फ़िल्म बनने की 15 अनसुनी और रोचक कहानियां

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फ़िल्म क्या है? एक कहानी। और एक कहानी को फ़िल्म की शक्ल देने के दौरान भी कई कहानियां बन जाती हैं। जैसे इस फ़िल्म को ही ले लीजिए। ये है द ममी रिटर्न्स। ये फ़िल्म रिलीज़ हुई थी 4 मई 2001 को। लेकिन तब ये ऑस्ट्रेलिया में रिलीज़ हुई थी। भारत में इसे रिलीज़ किया गया था 13 जुलाई 2001 के दिन।  इस फ़िल्म का बजट था 98 मिलियन डॉलर्स। सन 2001 में एक अमेरिकी डॉलर 47.19 भारतीय रुपयों के बराबर था। यानि उस वक्त द ममी रिटर्न फ़िल्म को बनाने में 462.46 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। बात अगर इस फ़िल्म की कमाई की करें तो इसने 435 मिलियन डॉलर्स की कमाई की थी। भारतीय रुपयों में सन 2001 में ये रक़म हुई थी लगभग 19 अरब 63 करोड़ रुपए।  The Mummy Returns 2001 Hindi Trivia - Photo: Social Media चलिए, द ममी रिटर्न्स फ़िल्म की मेकिंग से जुड़ी 15 रोचक कहानियां जानते हैं। अगर आपको ये कहानियां पसंद आएं तो आप मेरठ मंथन को फॉलो ज़रूर कीजिएगा। बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्मों व फ़िल्म कलाकारों की ऐसी कहानियां आपको यहां मिलती रहेंगी पढ़ने के लिए। द रॉक की फिल्मी शुरुआत   यह फिल्म रेसलिंग लेजेंड ड्वेन 'द रॉक' जॉनसन की पहली ब...

Jeevankala | पुराने दौर की शानदार अदाकारा व नृत्यांगना जिसे Bollywood अब भुला चुका है | Biography

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आज कहानी कही जाएगी गुज़रे ज़माने की मशहूर नृत्यांगना-अदाकारा जीवनकला की। जीवनकला, जिन्हें आज फिल्म इंडस्ट्री और अधिकतर फिल्मों के शौकीन भुला चुके हैं। जबकी एक वक्त था जब अपने डांस के लिए जीवनकला चर्चाओं में रहती थी।  नृत्य और अभिनय इन्हें विरासत में मिले थे। इनके पिता का नाम था दत्तू उर्फ दत्तात्रेय काम्बले। और माता का नाम था गंगूबाई। वो दोनों ही साइलेंट फिल्मों के दौर के कलाकार थे। पिता दत्तात्रेय काम्बले पूना के रहने वाले थे। और मां गंगूबाई कोल्हापुर की निवासी थी। दोनों ही पूना में मौजूद युनाइटेड पिक्चर्स सिंडिकेट में नौकरी करते थे।  Biography of Veteran Actress & Dancer Jeevankala - Photo: Social Media जीवनकला के माता-पिता ने अपने समय की कई हिट साइलेंट फिल्मों में काम किया था। फिर जब टॉकी फिल्में बनने लगी तो दोनों मराठी सिनेमा के नामी चेहरे बन गए। 29 जून 1944 को गंगूबाई ने जीवनकला को जन्म दिया था।  उस वक्त ये लोग पूना के दिवाकरवाड़ा की एक बिल्डिंग में रहा करते थे। उस समय मंगेशकर परिवार भी उसी बिल्डिंग में रहता था। और जीवनकला जी के माता-पिता के मंगेशकर परिवार संग बड...

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