संदेश

Ankhen 1968 | Dharmendra Mala Sinha की शानदार Movie आंखें की मेकिंग की रोचक कहानियां

चित्र
साल 1961 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम था शोला और शबनम। ये हमारे धरम जी की दूसरी फिल्म थी। एक दिन वो फिल्म रामानंद सागर जी ने भी देखी। उन्हें धरम जी की शख्सियत इतनी पसंद आई कि उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि एक दिन वो इस हीरो के साथ फिल्म ज़रूर बनाएंगे।  धरम जी की मजबूत शारीरिक बनावट रामानंद सागर जी को भा गई थी। उन्होंने कल्पना करना शुरू कर दिया कि अगर इस नौजवान के हाथों पिस्तौल हो तो ये कैसा लगेगा? बहुत अच्छा लगेगा।  गुज़रते वक्त के साथ धर्मेंद्र फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम जमाते गए। रामानंद सागर ने भी जब आरज़ू फिल्म का निर्माण किया था तो वो पहले फिरोज़ खान वाले रोल के लिए धर्मेंद्र को ही लेना चाहते थे। लेकिन किन्हीं वजहों से धर्मेंद्र आरज़ू फिल्म का हिस्सा ना बन सके।  Aankhen 1968 Movie Unknown Facts Dharmendra Mala Sinha - Photo: Social Media मगर आरज़ू के बाद जब रामानंद सागर ने अपनी स्पाय थ्रिलर फिल्म "आंखें" पर काम शुरू किया तो उसमें उन्होंने लीड रोल में धर्मेंद्र को ही साइन किया। और चूंकि धर्मेंद्र तब तक बहुत बड़े स्टार नहीं बने थे तो उनके अपोज़िट एक बड़ी हीरोइन को का...

Banwari Lal Jhol | बॉलीवुड फिल्मों का वो छोटा कलाकार जिसे हम पहचानते तो हैं, मगर जानते नहीं | पढ़िए इनकी कहानी | Biography

चित्र
शुरुआत में जब ये साहब अपना नाम फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों को बताते थे तो वो लोग बहुत हैरान होते थे। कुछ तो हंसने लगते थे। और कुछ इनसे कहते थे कि कहीं तुम कोई झोल-झाल तो नहीं करते हो?  इन्हें उस वक्त झोल-झाल का मतलब पता था नहीं। तो नर्वसनैस में ये भी हां कह देते थे। इन्हें तो कुछ दिनों के बाद पता चला था कि झोल-झाल का मतलब गड़बड़-घोटाला होता है।  तो लोग इनसे पूछते क्यों थे कि कहीं तुम कोई झोल-झाल तो नहीं करते? इसका जवाब है "इनके नाम की वजह से।" जी हां, इनका नाम ही अजब है एकदम। इनका नाम है बनवारी लाल झोल। यानि झोल शब्द इनके नाम के साथ जुड़ा है। ये हिमाचली ब्राह्मण हैं।  झोल उपनाम इनके पुरखों के ज़माने से इस्तेमाल होता आ रहा है। इसिलिए इनका नाम भी बनवारी लाल झोल है। वैसे ये भी जान लीजिए कि बनवारी जी दिल्ली में पले-बढ़े हैं। दिल्ली के सदर बाज़ार में इनके पिता की एक धूप व अगरबत्ती की दुकान थी, जिसका नाम था नारायण धूप।  Biography of Actor Banwari Lal Jhol - Photo: Social Media बनवारी लाल झोल का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था। इनके जन्म के साल का पता नहीं चल सका हमें। एक्टिंग का शौ...

बरशैणी का वो 500 रुपए वाला गेस्ट हाउस और पिंक फ्लॉयड का जूलिया ड्रीम

चित्र
"भाई कितना चार्ज होगा रूम का?" मैंने गेस्ट हाउस वाले लड़के से पूछा। मेरे और तोमर के लिए किसी भी गेस्ट हाउस में घुसने से पहले यही सबसे पहला और सबसे ज़रूरी सवाल होता है। शायद हमारे जैसे अधिकतर घुमक्कड़ भी सबसे पहले यही पूछते होंगे, जब वो किसी होटल या गेस्ट हाउस जाते होंगे। "आप पहले रूम देख लीजिए। फिर आपको चार्ज भी बता दूंगा।" वो लड़का बोला। मुझे लगा कि अब ये हमें उल्लू बनाने की कोशिश करेगा। कुछ के कुछ दाम बताएगा। वैसे भी वीकेंड है। हिमाचल में टूरिस्टों की तगड़ी भीड़ होती है। और इस दफा तो लॉन्ग वीकेंड पड़ गया है।  मैंने तोमर की तरफ देखा। उसने अपनी आंखों से वही कहा जो इस तरह की स्थिति में वो ज़ुबान से भी कहता, "लैट्स सी।" Guest House in Barshaini Himachal Pradesh and Julia Dream of Pink Flyod - Photo: Social Media सेब के बागीचों से घिरे उस गेस्ट हाउस में वो हमें किसी मेज़ जैसे रास्ते से लेकर जाने लगा। और फिर एक बड़ी पतली सी बालकनी वाला लकड़ी से बनी एक दुमंज़िला इमारत की दूसरी मंज़िल पर ले गया। वहां जाते हुए हम लकड़ी के तख्तों से बने दो छोटे-छोटे जीनों से होकर ...

Maadhavi | साउथ से बॉलीवुड तक खूब नाम कमाया। लेकिन एक फिल्म ने सब बर्बाद कर दिया। पढ़िए Actress माधवी की Biography

चित्र
रजनीकांत इन्हें अपने लिए भाग्यशाली मानते थे। दूसरी श्रीदेवी कहा जाने लगा था इन्हें। लेकिन एक दिन अचानक इन्होंने फ़िल्मों में काम करना छोड़ दिया। और मीडिया ने भी इनके बारे में लिखना बंद कर दिया। नाम है इनका माधवी। 1980 के दशक में आई कई फिल्मों में आपने इन्हें देखा होगा। उस वक्त के कई बड़े हीरोज़ की ये हीरोइन बनी थी।  राजेश खन्ना की सुपरहिट फिल्म स्वर्ग में माधवी ही उनकी पत्नी के किरदार में दिखी थी। हिंदी के अलावा साउथ की फिल्मों में भी माधवी ने खूब काम किया। साउथ की फिल्मों से ही माधवी का करियर भी शुरू हुआ था। और रजनीकांत संग इनकी जोड़ी बड़ी हिट हुई। चलिए आज माधवी जी की कहानी भी जानते हैं।  Biography of veteran actress Maadhavi - Photo: Social Media   1 4 सितंबर 1962 को हैदराबाद में माधवी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम गोविंदस्वामी और माता का नाम शशिरेखा है। माधवी का रियल नेम कनक विजयलक्ष्मी है। माधवी की एक बहन और एक भाई भी हैं। छोटी उम्र से ही माधवी ने भरतनाट्यम और लोकनृत्य सीखना शुरू कर दिया था।  माधवी की स्कूलिंग हैदराबाद के स्टेनली गर्ल्स हाई स्कूल से हुई थी। स्...

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Lucky Ali | 90s के Popular Singer लकी अली की कामयाबी और तीन शादियों की पूरी कहानी जानिए | Biography

Salim Khan | Indore का वो हैंडसम नौजवान जो कभी Cricketer बनना चाहता था, लेकिन बन गया नामी Film Writer | Biography

Vimi | वो अभागी Bollywood Actress जिसका अंत बहुत भयानक हुआ | Biography