15 Unknown Facts of Jab we Met Movie | Shahid Kapoor और Kareena Kapoor की शानदार फिल्म की रोचक कहानियां

26 अक्टूबर 2007 के दिन जब वी मेट फिल्म रिलीज़ हुई थी। इम्तियाज़ अली डायरेक्टेड इस फिल्म को दर्शकों ने बहुत ज़्यादा पसंद किया था। शाहिद कपूर और करीना कपूर की जोड़ी बहुत लोकप्रिय हुई थी इस फिल्म के ज़रिए। फिल्म का गीत-संगीत भी खूब चला था। 

प्रीतम ने इस फिल्म का संगीत कंपोज़ किया था। जबकी बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया था संजॉय चौधरी ने। कुल पांच गीत इस फिल्म में थे जिनमें से चार इरशाद कामिल ने लिखे थे और एक गीत, आओगे जब तुम साजना फाइज़ अनवर ने लिखा था। 

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15 Unknown Facts of Jab we Met Movie - Photo: Social Media

Jab we Met फिल्म के प्रमुख कलाकारों की बात करें तो शाहिद-करीना के अलावा तरुण अरोड़ा, सौम्या टंडन, दारा सिंह, पवन मल्होत्रा, कमल तिवारी, किरण जुनेजा, दिव्या सेठ, विशाल ओम शर्मा, वामिका गाबी, किशोर प्रधान और बिजेंद्र काला ने इस फिल्म में अहम भूमिकाएं निभाई थी। चलिए, Jab we Met फिल्म की मेकिंग से जुड़ी 15 अनसुनी और रोचक कहानियां जानते हैं। 

पहली

जब वी मेट फिल्म का बजट था 15 करोड़ रुपए। और इस फिल्म ने 48 करोड़ 87 लाख रुपए वर्ल्डवाइड कलैक्ट किए थे। फिल्म का नैट कलैक्शन था 30 करोड़ 85 लाख रुपए। इस तरह ये फिल्म हिट साबित हुई थी। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक जब वी मेट साल 2007 की नौंवी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी। इसके बाद, यानि 10वें स्थान पर रही थी भेजा फ्राय। 

उस साल की टॉप थ्री फिल्मों की बात हो तो 78 करोड़ 16 लाख रुपए के ज़बरदस्त नेट कलैक्शन के साथ शाहरुख खान की ओम शांति ओम उस साल की नंबर वन फिल्म थी। दूसरे नंबर पर थी अक्षय कुमार की वेलकम जिसने 70 करोड़ 15 लाख रुपए कमाए थे। और तीसरे पायदान पर थी शाहरुख खान की चक दे इंडिया जिसने 66 करोड़ 54 लाख रुपए की कमाई की थी। 

दूसरी 

जब वी मेट फिल्म में एक दृश्य है जब रतलाम की सड़कों पर घूमते आदित्य और गीत रात बिताने के लिए एक होटल डीसेंट में जाते हैं। वहां उनकी मुलाकात एक रिसेप्शनिस्ट से होती है जो दिखने में ही काफी शेडी सा है। रिसेप्शनिस्ट का वो किरदार निभाने वाले एक्टर का नाम है टेडी मोर्य। 

वास्तव में टेडी मौर्या जब वी मेट फिल्म से बतौर आर्ट डायरेक्टर जुड़े थे। लेकिन चूंकि वो रिसेप्शनिस्ट वाला रोल कोई दूसरा एक्टर निभाने को तैयार नहीं हो रहा था तो इम्तियाज़ अली ने और अधिक एक्टर्स को तलाशने की जगह आर्ट डायरेक्टर टेडी मौर्य से ही वो रोल निभाने को कहा। 

टेडी मोर्य भी फौरन वो रोल निभाने को तैयार हो गए। 1999 की शूल में भी वो एक बहुत छोटा सा किरदार निभा चुके थे। एक और बात, टेडी मोर्य ने जब वी मेट के एक दृश्य में पुलिस वाले का किरदार भी निभाया था। 

वो सीन याद कीजिए जब गीत की ट्रेन छूट जाती है और वो ट्रेन पकड़ने के लिए पुल के ऊपर से भागती है। वहां एक पुलिस वाला उसे रोकने की कोशिश करता है। वो पुलिस वाला कोई और नहीं, टेडी मौर्य ही हैं। आगे चलकर टैडी मोर्य ने और भी कई फिल्मों में एक्टिंग की।

तीसरी

जब वी मेट फिल्म के लीड कैरेक्टर्स के लिए प्रोड्यूसर की पहली चॉइस शाहिद कपूर नहीं, बॉबी देओल थे। और बॉबी ने प्रीति जिंटा को इस फिल्म में गीत के रोल में कास्ट करने की सलाह दी थी। जब प्रीति जिंटा को फिल्म की कहानी सुनाई गई तो उन्हें भी ये कहानी बहुत पसंद आई। 

वो फिल्म में काम करने को तैयार थी। लेकिन वो चाहती थी कि कम से कम छह महीने बाद शूटिंग शुरू हो। इम्तियाज़ इसके लिए तैयार नहीं थे। दूसरी तरफ बॉबी देओल की तरफ से भी इस फिल्म को लेकर कोई खास उत्साह बाद में उन्हें नहीं दिखा। आखिरकार इम्तियाज़ अली ने शाहिद कपूर को ये स्क्रिप्ट नैरेट की। 

शाहिद कपूर को इस फिल्म की कहानी बेहद पसंद आई। उन्होंने इस फिल्म में काम करने की हामी भर दी। और ये शाहिद कपूर ही थे जिन्होंने करीना कपूर को भी इस फिल्म में काम करने के लिए राज़ी किया था। उस वक्त शाहिद और करीना का अफेयर चल रहा था।

चौथी

एक वक्त था जब इस फिल्म के नाम को लेकर बड़ी कन्फ्यूज़न हो रही थी। फिल्म का नाम क्या रखा जाए इसके लिए काफी माथापच्ची की गई थी। लोगों ने इस फिल्म के कई नाम सुझाए थे जैसे पंजाब मेल, इश्क वाया भटिंडा, द ट्रेन, गीत, गीत रेडी इत्यादि। जब वी मेट भी एक ऑप्शन था।

आखिरकार पब्लिक से सलाह मांगी गई कि इस फिल्म का नाम क्या होना चाहिए। और वोटिंग के ज़रिए पब्लिक ने जब वी मेट नाम चुना। वरना एक वक्त पर इम्तियाज़ अली तो लगभग तय कर चुके थे कि इस फिल्म का नाम पंजाब मेल रखा जाएगा।

पांचवी

इम्तियाज़ अली को गीत का किरदार गढ़ने की प्रेरणा दिल्ली की एक लड़की से मिलने के बाद मिली थी। सालों पहले इम्तियाज़ अली को दिल्ली की बस में एक लड़की मिली थी जो एकदम लापरवाही से कुछ भी बोले चली जा रही थी। और लापरवाही में वो लड़की अपनी पर्सनल बातें भी बोल रही थी। 

लेकिन जब उसे रियलाइज़ हुआ कि वो कुछ ज़्यादा ही बोल रही है तो उसने इम्तियाज़ अली से कहा कि मैं इतना कुछ बोल रही हूं इसका मतलब ये नहीं कि आप कुछ गलत सोचो। इम्तियाज़ अली को वो लड़की बहुत इनोसेंट लगी थी। जब वी मेट की कहानी लिखते वक्त उस लड़की की छवि इम्तियाज़ अली के ज़ेहन में तैर उठी थी।

छठी

जब वी मेट के कुछ ही दिनों बाद, 9 नवंबर को रणबीर कपूर और सोनम कपूर की सावंरिया भी रिलीज़ हुई। जब वी मेट का प्रदर्शन शानदार चल रहा था। लेकिन सावंरिया का प्रदर्शन बहुत बुरा साबित हुआ। 

लोगों को जब वी मेट इतनी पसंद आ रही थी कि कई लोग इसी फिल्म को देखने दोबारा थिएटर जा रहे थे। ऐसे में कई थिएटर्स में सावंरिया को हटाकर फिर से जब वी मेट फिल्म को दिखाया गया।

सातवीं 

एक्टर पवन मल्होत्रा ने इस फिल्म में गीत यानि करीना कपूर के अंकल प्रेम सिंह ढिल्लन का किरदार निभाया है। इम्तियाज़ अली ने जब पवन मल्होत्रा को वो रोल ऑफर किया था तो पवन जी ने उस रोल को निभाने से मना कर दिया था। 

पवन मल्होत्रा को लगा था कि ये कोई मामूली सा रोल है। लेकिन इम्तियाज़ अली ने उन्हें भरोसा दिलाया कि ये इस फिल्म का चौथा या पांचवा सबसे अहम किरदार होगा। तब जाकर पवन मल्होत्रा उस किरदार को निभाने के लिए तैयार हुए थे।

आठवीं

जब वी मेट फिल्म में रतलाम वाले सीन को भला कैसे भुलाया जा सकता है? रतलाम की गलियों में पहुंचकर गीत के चेहरे की एक्सायटमेंट देखने लायक होती है। लेकिन हो सकता है आपको ये जानकर अजीब लगे कि इस फिल्म की शूटिंग रतलाम में कभी हुई ही नहीं थी। 

इम्तियाज़ अली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं जिनमें जगहों के जो नाम बोले गए हैं वो वास्तव में वो जगहें हैं ही नहीं। रतलाम वाला वो दृश्य उन्होंने मनाली की एक गली में फिल्माया था। शूटिंग इतनी जल्दबाज़ी में की जा रही थी कि मनाली के कुछ सीन्स शिमला में ही फिल्मा लिए गए। और शिमला के दृश्य मनाली में फिल्माए गए।

नौंवी

जब वी मेट को प्रोड्यूस किया था ढिल्लिन मेहता ने अपने बैनर श्री अष्टविनायक सिने विज़न के अंडर। उन्होंने इम्तियाज़ अली को इतना टाइट बजट दिया था कि इम्तियाज़ को हर हाल में 21 दिनों में इस फिल्म की शूटिंग खत्म करनी थी। 

इतने टाइट बजट व शेड्यूल में इम्तियाज़ अली ने फिल्म के कुछ दृश्य स्टोप मोशन एनिमेशन टैकनीक से भी पिक्चराइज़ किए। ऐसा इसलिए ताकि लोकेशन विज़िट का खर्च और समय बचाया जा सके।

दसवीं

ज़रा जब वी मेट फिल्म के उन सभी दृश्यों को याद कीजिए जिनमें दारा सिंह जी नज़र आते हैं। दारा सिंह जी के दृश्य जिस मकान में शूट किए गए थे उसकी भी एक कहानी है। दरअसल, उस मकान की मालकिन एक महिला थी जिसकी उम्र लगभग 80 साल हो चुकी थी। 

एक दिन इम्तियाज़ अली ने उस महिला से कहा कि वो उसके बंगले के एक खास कमरे में दारा सिंह जी के कुछ दृश्य शूट करना चाहते हैं। लेकिन जाने किस वजह से वो कमरा उस महिला के लिए बहुत स्पेशल रहा होगा? 

उसने उस कमरे में शूटिंग करने देने की इजाज़त नहीं दी। लेकिन इम्तियाज़ अली को सीन को और बेहतर बनाने के लिए उस कमरे की ज़रूरत थी। उन्होंने जब उस बूढ़ी महिला से काफी रिक्वेस्ट की तो वो इस शर्त पर मानी कि उसे भी दारा सिंह जी से मिलाया जाएगा। 

और जब तक शूटिंग होगी रोज़ मिलने दिया जाएगा। साथ ही वो दारा सिंह जी के लिए एक गिलास जूस भी लेकर आएगी। इम्तियाज़ अली ने उस महिला की वो शर्त मान ली। फिर तो वो महिला रोज़ दारा सिंह जी से मिलने आती और उनके लिए एक गिलास जूस लाती। व हर दिन नई साड़ी पहनकर आती। 

दारा सिंह जी से जुड़ा एक और छोटा सा किस्सा कुछ यूं है कि इम्तियाज़ अली ने उन्हें एक डायलॉग बोलने को दिया था जिसमें उन्हें अपनी पोती गीत यानि करीना कपूर को कहना था कि मुंबई में तो नंगी घूमती होगी। दारा सिंह ये डायलॉग बोलना नहीं चाहते थे। 

उन्होंने इम्तियाज़ अली से रिक्वेस्ट की थी कि वो इस डायलॉग को बदल दें। लेकिन इम्तियाज़ अली ने सिचुएशन की ज़रूरत का हवाला देकर दारा सिंह जी को वो डायलॉग बोलने को राज़ी कर ही लिया।

ग्यारहवीं कहानी

जब वी मेट में गीत के बॉयफ्रेंड का किरदार एक्टर तरुण अरोड़ा ने निभाया था। इस फिल्म से पहले भी तरुण अरोड़ा कुछ फिल्मों में काम कर चुके थे। उनकी डेब्यू फिल्म थी 1999 में आई प्यार में कभी-कभी। तरुण मॉडलिंग भी कर रहे थे। 

लेकिन ना तो उनका फिल्मी करियर बहुत खास चल रहा था और ना ही मॉडलिंग करियर। वो मुबई छोड़कर बैंगलोर शिफ्ट होने का पूरा प्लान बना चुके थे। तरुण बैंगलोर में रेस्टोरेंट खोलने जा रहे थे। 

लेकिन जब इम्तियाज़ अली ने उन्हें जब वी मेट के अंशुमन का किरदार ऑफर किया तो उन्होंने बैंगलोर शिफ्ट होने का इरादा टाल दिया। इस फिल्म ने तरुण अरोड़ा को बहुत खास तो नहीं, लेकिन थोड़ा फायदा ज़रूर पहुंचाया। तरुण को साउथ की फिल्मों से अच्छा काम मिलने लगा।

बारहवीं

जब वी मेट का प्रदर्शन भले ही बहुत शानदार रहा हो। लेकिन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में ये फिल्म बहुत ज़्यादा कमाल नहीं कर पाई थी। 53वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नॉमिनेट तो ये फिल्म छह कैटेगरीज़ में हुई थी। लेकिन इसे अवॉर्ड्स सिर्फ दो ही मिले थे। 

एक था बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड जो कि करीना कपूर को दिया गया था। दूसरा था बेस्ट डायलॉग्स अवॉर्ड जो इम्तियाज़ अली को मिला था। इस तरह इम्तियाज़ अली के अभी तक के करियर का ये इकलौता फिल्मफेयर अवॉर्ड है जो उन्हें बेस्ट डायलॉग कैटेगरी में मिला है। 

बात अगर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की करें तो इस फिल्म के बेहद लोकप्रिय गीत "ये इश्क हाय" के लिए श्रेया घोषाल को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का खिताब मिला था। और इसी गीत की शानदार कोरियोग्राफी के लिए स्वर्गीय सरोज खान जी को बेस्ट कोरियोग्राफर नेशनल अवॉर्ड दिया गया।

तेरहवीं

जब वी मेट फिल्म का गीत "आओगे जब तुम साजना" फिल्म से जुड़े बहुत से लोगों को पसंद नहीं आया था। क्योंकि वो एक इंडियन क्लासिकल गायकी के टच वाला गीत है। लोगों का मानना था कि यूथ ऐसे गीतों को पसंद नहीं करता। 

लेकिन उस गीत को कंपोज़ करने वाले संगीतकार संदेश शांडिल्य व डायरेक्टर इम्तियाज़ अली को यकीन था कि लोगों को ये गीत भी अच्छा लगेगा। और वैसा ही हुआ भी। वाकई में उस गीत को हर किसी ने लाइक किया। 

लाइक से याद आया, आप भी इस लेख को लाइक-शेयर करते जाइएगा। और यहां तक पढ़ा हो तो कमेंट करके बताइएगा भी कि आपने ये लेख यहां तक पढ़ा और ये लेख आपको कैसा लगा। 

चौदहवीं

जब वी मेट फिल्म जब रिलीज़ होने वाली थी तब इसकी मार्केटिंग के लिए प्रोड्यूसर्स ने मुंबई की वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर चलने वाली दो लोकल ट्रेन्स को इस फिल्म के पोस्टर्स से रंग दिया था। 

पूरी ट्रेन पर शाहिद कपूर और करीना कपूर ही दिखाई दे रहे थे। और कहना गलत नहीं होगा कि इस स्ट्रेटेजी से फिल्म को फायदा पहुंचा था। वैसे शाहिद कपूर ने भी इस फिल्म को प्रमोट करने के लिए लोकल ट्रेन में सफर किया था।

पन्द्रहवीं

23 अक्टूबर 2007 के दिन यशराज स्टूडियो में जब वी मेट की एक प्राइवेट स्क्रीनिंग रखी गई थी। ये स्क्रीनिंग उन लोगों के लिए रखी गई थी जो इस फिल्म के साथ असोसिएटेडे थे। जैसे क्र्यू मेंबर्स, स्पॉट बॉय, मेकअप मैन व अन्य सपोर्टिंग स्टाफ। उस स्क्रीनिंग में स्टाफ की फैमिली को भी फिल्म देखने के लिए इनवाइट किया गया था। 

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