Yusuf Khan Zebisko | 70s और 80s की फ़िल्मों का एक खलनायक जो खामोशी से दुनिया छोड़ गया | Biography

यूसुफ़ खान ज़िबिस्को। बहुत लोग इस नाम से आज भी वाकिफ़ नहीं होंगे। लेकिन 70s-80s की एक्शन फ़िल्में जो लोग देखना पसंद करते हैं वो इस चेहरे से ज़रूर वाकिफ़ होंगे। इनका रियल नेम था यूसुफ़ अबोशर। और ये मिस्र में जन्मे थे। 

फ़िल्में, खासतौर पर भारतीय फ़िल्में इन्हें बचपन से पसंद आती थी। इसलिए जब ये बड़े हुए तो फ़िल्मस्टार बनने भारत आ गए। पर्सनैलिटी बहुत अच्छी थी इनकी। कदकाठी भी ज़बरदस्त थी। इसलिए फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों ने इन्हें सराहा तो बहुत। मगर काम किसी ने नहीं दिया।

biography-of-late-bollywood-actor-yusuf-khan-zebisko
Biography of Late Bollywood Actor Yusuf Khan Zebisko - Photo: Social Media

काफी संघर्ष के बाद यूसुफ़ अबोशर को जंगल की हसीना नामक एक फ़िल्म में हीरो का रोल मिल गया। ये फ़िल्म साल 1969 में रिलीज़ हुई थी। और बहुत बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। यही वजह है कि यूसुफ़ का स्ट्रगल जारी रहा। इस फ़िल्म में इनका नाम यूसुफ़ खान दिया गया था। 

किसी ने इनसे नाम बदलने को कहा। तब इन्होंने अपना नाम रखा यश राज। लेकिन बतौर हीरो फिर कभी इन्हें कोई फिल्म नहीं मिल सकी। इसलिए इन्होंने निगेटिव रोल्स साइन करना शुरू कर दिया।

1970 में आई कालम वेल्लम नामक एक तमिल फ़िल्म में यूसुफ खलनायक की हैसियत से दिखे। यूसुफ़ इस फ़िल्म में फाइटर बने थे। ये फ़िल्म हिट रही थी। यूसुफ़ का चर्चा तो बहुत हुआ इस फ़िल्म के लिए। मगर फ़ायदा कोई नहीं हुआ।

यूसुफ की तीसरी फ़िल्म थी 1971 में आई हातिम ताई। ये एक छोटे बजट की बी-ग्रेड फ़िल्म थी। जो कब आई-कब गई, किसी को पता नहीं चला। मगर इसके बाद जब यूसुफ महमूद की फ़िल्म बॉम्बे टू गोवा में दिखे तो इन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई। 

बॉम्बे टू गोवा फ़िल्म में यूसुफ पेड्रो बॉक्सर के रोल में दिखे थे। यूसुफ खान और महमूद का फाइट सीन था इस फ़िल्म में। वो सीन मज़ेदार था काफ़ी। उस सीन की वजह से यूसुफ खान को भी बढ़िया शोहरत मिली थी। 

फिर यूसुफ दिखे गरम मसाला नामक फ़िल्म में। इस फ़िल्म में यूसुफ़ खान एक कबीले के सदस्य थे। और उनके किरदार का नाम था मोटू। ये एक सपोर्टिंग रोल था। और यूसुफ ने बढ़िया से निभाया भी था इस रोल को। 

हालांकि यूसुफ़ खान के करियर में कोई ख़ास उठान नहीं आया। वो छोटे-छोटे, मोस्टली मुख्य विलेन के हेंचमैन टाइप रोल ही निभाते रह गए। 

साल 1977 में आई अमर अकबर एंथोनी फ़िल्म में यूसुफ़ खान का रोल बहुत बढ़िया था। अमर अकबर एंथोनी में ये परवीन बाबी के बॉडीगार्ड बने थे। नाम था इनके किरदार का ज़िबिस्को। यहीं से इनके नाम के साथ ज़िबिस्को जुड़ गया था। और फ़िल्म इंडस्ट्री में ये ज़िबिस्को नाम से पहचाने जाने लगे। 

अपने करियर में यूसुफ़ खान ज़िबिस्को ने हम किसी के कम नहं, परवरिश, सोना चांदी, विश्वनाथ, देस परदेस, मुकद्दर का सिकंदर, धन दौलत, आप के दीवाने, कर्ज़, नसीब, प्रोफ़ेसर प्यारेलाल सहित कई फ़िल्मों में काम किया। 

यानि यूसुफ़ खान ज़िबिस्को ने अमिताभ बच्चन के साथ काफ़ी काम किया था। अमिताभ के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ भी कई फ़िल्में की थी। जैसे डिस्को डांसर, अशांति, बॉक्सर, कसम पैदा करने वाले की व घर एक मंदिर। 

यूसुफ़ खान ज़िबिस्को और भी कई फ़िल्मों में कम कर रहे थे। मगर साल 1985 के एक दिन जब ये हैदराबाद में किसी फ़िल्म की शूुटिंग कर रहे थे तब अचानक ही इन्हें हार्ट अटैक आ गया। और इनकी मौत हो गई। महज़ 48 साल की उम्र में यूसुफ़ खान खामोशी से दुनिया छोड़ गए। 

बहुत लोगों को तो लंबे वक्त तक पता भी नहीं चला कि ज़िबिस्को के साथ क्या हुआ। उनके जाने के बाद भी उनकी कुछ फ़िल्में रिलीज़ हुई थी। जैसे, भवानी जंक्शन, भेड़ियों का समूह, इंतक़ाम की आग व है मेरी जान।

यूसुफ़ खान ज़िबिस्को के निजी जीवन की तरफ़ रुख करें तो पता चलता है कि इन्होंने फैज़ाना नाम की महिला से शादी की थी। इनके तीन बच्चे हुए। दो बेटे और एक बेटी। इनके बेटों के नाम हैं फराज़ और फाहद। बेटी का नाम है फाद्या। इनका बेटा फराज़ खान भी इनकी ही तरह एक्टर था। 

अगर आपने रानी मुखर्जी की फ़िल्म मेहंदी देखी है तो उस फ़िल्म में रानी मुखर्जी के खड़ूस पति का किरदार निभाने वाले एक्टर यूसुफ़ खान ज़िबिस्को के बड़े पुत्र फ़राज़ खान ही थे। और भी कुछ फ़िल्मों में फ़राज़ खान ने काम किया था। मगर फ़राज़ खान का करियर कुछ ख़ास नहीं रहा। फ़राज़ ने कुछ टीवी शोज़ में भी काम किया था। साल 2020 में फ़राज़ खान की मौत हो गई थी।

ज़िबिस्को के दूसरे पुत्र फ़ाहद के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। लेकिन ये ज़रूर पता चला  हमें कि ज़िबिस्को की बेटी फाद्या भी एक्ट्रेस हैं। 

फाद्या साउथ की कुछ फ़िल्मों में एक्टिंग कर चुकी हैं। स्टेज पर भी वो एक्टिव हैं। जबकी 2023 में आई बॉलीवुड ज़ोया अख्तर की फ़िल्म द आर्चीज़ में भी फाद्या ने काम किया था। फ़िल्म जगत में वो डिम्पी फाद्या के नाम से जानी जाती हैं। 

ज़िबिस्को के एक सौतेले पुत्र भी हैं जिनका नाम है फ़हमान खान। दरअसल, जब ज़िबिस्को की मौत हुई थी उस वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे थे। ऐसे में उनकी पत्नी फ़ैज़ाना ने दूसरी शादी कर ली थी।

उनके दूसरे पति का नाम शाहबाज़ है। उन्हीं के पुत्र हैं फ़हमान। फ़हमान भी एक्टर हैं और टीवी जगत का जाना-पहचाना चेहरा हैं। फ़हमान एक प्रोफ़ेशनल मॉडल भी हैं।

ये भी पढ़ें- Suhaag 1979 | 11 बहुत ही रोचक व Unknown Facts

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Gavin Packard | 90s के बॉलीवुड का एक हैंडसम खलनायक, जिसका अंत बहुत बुरा हुआ | Biography

Shailesh Kumar | पुराने ज़माने का वो हैंडसम एक्टर जिसका पूरा करियर एक अफ़वाह खा गई

Salim Khan | Indore का वो हैंडसम नौजवान जो कभी Cricketer बनना चाहता था, लेकिन बन गया नामी Film Writer | Biography